Thursday, September 29, 2011


भगवान से बड़ा है, उनका भक्त। अर्जुन से भगवान ने कहा कि जो मेरे भक्त है वो मेरे भक्त नहीं है, धोखा है उनको। जो मेरे भक्त के भक्त हैं वो ही मेरे सच्चे भक्त हैं।

A TRUE SERVANT WILL NOT ASK FOR ANYTHING FROM HIS MASTER,THAT IS DONE ONLY BY A BUSSINESSMAN.

CONSTANTLY DEVELOP FEELING OF FORBEARANCE,HUMILITY AND SUBMISSIVENESS.

JUST AS A DIAMOND CAN BE RECOGNIZED ONLY BY AN EXPERT,THERE ARE ONLY A FEW PEOPLE WHO CAN RECOGNIZE A GENUINE GURU.

चुम्बक का कमाल,शुद्ध लोहे पर होता है, मिलावट वाले पर नहीं हो सकता। जिस लोहे में 90 परसेंट मिलावट है, उसको चुंबक नहीं खींच सकता। वो तो केवल क्लीन लोहा हो उसी को खींचता है। तो भगवान का अवतार या संत महापुरुष उसी को जल्दी खींच सकते हैं ,जिसका अंत:करण जितना शुद्ध हो। पापात्मा नहीं खिंचता वो हँसता है। बाबाजी क्या बोल रहे थे? भगवान,इन लोगो को और कोई काम नहीं है।मज़ाक बनाते हैं,खिल्ली उड़ाते हैं।
-------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाप्रभु।