Wednesday, September 21, 2011

जब तक यह निश्चय न हो जाये कि संसार में सुख नहीं हैं,भगवान में ही सुख है,संसार की सम्पत्ति बटोरने की कामना रहेगी।
-------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज.



बहु जन्म करे यदि श्रवण कीर्तन,
तभू न पाय कृष्ण पदे प्रेम धन।

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