Monday, September 19, 2011

प्रश्न: कोई साधक गुरु का क़र्ज़ा लेकर मर गया,तो क्या अगले जनम में उसे वो क़र्ज़ा चुकाना होगा?

उत्तर श्री महाराजजी द्वारा:- यदि साधक की सदभावना है ,क़र्ज़ा वह चुकाना चाहता है ,परिस्थितिवश नहीं चुका पाया, उसे क़र्ज़ा नहीं चुकाना पड़ेगा । यदि जानबूझ कर मंशा खराब होने के कारण ,साधन रहने पर भी उसने नहीं चुकाया,तो उसे निश्चित ही दंड भोगना पड़ेगा ।


प्रश्न: क्या अलौकिक अनुभव साधना के अनुसार होते हैं?
उत्तर: श्री महाराजजी द्वारा :- हाँ,साधना के अनुसार होते हैं । अनुभव में "आनंद का अनुभव" करना प्रत्येक जीव की साधना पर निर्भर करता है।