Friday, September 23, 2011


जरा सोचो यह जीवन क्षणभंगुर है। अत: यदि कल का दिन ना मिला तो इतनी बड़ी गुरु-कृपा, भगवतकृपा, सौभाग्य सब व्यर्थ हो जायेगा। बार-बार सोचो, बार-बार सोचो।
------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज.

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