Thursday, February 14, 2013

माया ने भुलाया जग भाया आठु यामा |
गुरु ने जगाया कहा तेरी एक श्यामा ||

माया के कारण अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाने एवं अपने को शरीर मान लेने के कारण मैं अनादिकाल से निरन्तर संसार में ही अनुरक्त था | गुरु ने इस मोह-निद्रा से जगाकर यह ज्ञान कराया कि तेरी अंशी श्री राधा ही एकमात्र तेरी हैं |

...
गुरु की शरण गहो जाय गुरुधामा |
हरि नाम गुण गावो बनो निष्कामा ||

गुरुधाम में जाकर गुरु की शरणागति ग्रहण करो एवं निष्काम भावना से युक्त होकर निरन्तर हरि-गुण-गान करो |

.............. श्यामा श्याम गीत ( जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज .
माया ने भुलाया जग भाया आठु यामा |
गुरु ने जगाया कहा तेरी एक श्यामा ||

माया के कारण अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाने एवं अपने को शरीर मान लेने के कारण मैं अनादिकाल से निरन्तर संसार में ही अनुरक्त था | गुरु ने इस मोह-निद्रा से जगाकर यह ज्ञान कराया कि तेरी अंशी श्री राधा ही एकमात्र तेरी हैं |


गुरु की शरण गहो जाय गुरुधामा |
हरि नाम गुण गावो बनो निष्कामा ||

गुरुधाम में जाकर गुरु की शरणागति ग्रहण करो एवं निष्काम भावना से युक्त होकर निरन्तर हरि-गुण-गान करो |


.............. श्यामा श्याम गीत ( जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज )...............