Monday, February 25, 2013

 




‘गु’ का अर्थ माया तम गोविंद राधे |
‘रु’ का अर्थ नाश करे सब को बता दे ||

भावार्थ- ‘गु’ शब्द का अर्थ माया का अन्धकार, ‘रु’ शब्द का अर्थ नाश करना है | अर्थात् जो माया रूपी अन्धकार का नाश कर दे वही गुरु है |

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ईश्वरीय ज्ञान तो है गोविंद राधे |
आवश्यक सर्वप्रथम बता दे ||

भावार्थ- साधक के लिये सबसे पहले ईश्वरीय तत्व-ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है |

ईश्वरीय ज्ञान हित गोविंद राधे |
मन बुद्धि को गुरु शरण करा दे ||

भावार्थ-ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त करने के लिये अपने मन एवं बुद्धि को गुरु के शरणागत करना आवश्यक है |


....(राधा गोविंद गीत).जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज.