Saturday, February 9, 2013

जैसे लोभी धन कमाने के विषय में सोचता है, एसे ही भक्त्त भगवान् का चिन्तन और प्रेम बढाने के विषय में सोचता है।
-जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज.
जैसे लोभी धन कमाने के विषय में सोचता है, एसे ही भक्त्त भगवान् का चिन्तन और प्रेम बढाने के विषय में सोचता है।

-जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज