Wednesday, July 2, 2014

बचपन में ही भक्ति में लग जाओ तो युवा अवस्था का नशा हावी नहीं होगा,फ़िर संस्कार बन जायेंगे तो भगवान की और युवा अवस्था में भी चलोगे।
.........श्री महाराजजी।