Thursday, March 7, 2013

वेद से लेकर रामायण तक अनन्त कोटि कल्प तक अध्ययन करके देख लो यही पाओगे कि गुरु और भगवान् एक ही हैं , अतः गुरु - सेवा ही सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य है।
::::::::::जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज:::::::::::
वेद से लेकर रामायण तक अनन्त कोटि कल्प तक अध्ययन  करके देख लो यही पाओगे कि  गुरु और भगवान् एक ही हैं , अतः गुरु - सेवा ही सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य है।
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