Saturday, August 24, 2013

परम प्रेमास्पद श्री कृष्ण तुम्हारे ही हैं. उन्हें थोडा भी दूर मत मानो. वे अपनी भुजाओ को पसारे तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे है. वे तुम्हारे आंसुओ को देख कर बड़े प्रसन्न होते है. यह भावना नहीं सत्य बता रहा हूँ. वैसे तो वे प्रतिक्षण प्रत्येक संकल्प को नोट करते है किन्तु आंसू उन्हें अधिकाधिक प्रिय है.

The ultimate loving Shree Krishna is yours only. Do not feel them a little far from you. They are waiting for you with their open arms to embrace you. When they are seeing at your tears they become extremely happy. This is not the feeling but telling truth. They make note of each and every idea of your mind but tears are most dear to them.
------- Jagadguru Shree Kripalu ji Maharaj.