Monday, June 24, 2013

प्रथम नमन गुरुवर पुनि गिरिधर ,
जोइ श्री गुरुवर सोइ श्री गिरिधर।
हरि गुरु कृपा सदा सब ही पर ,
अंतःकरण पात्र पावन कर।
करहु ' कृपालु ' कृपा मोहूँ पर ,
तन मन धन अर्पण चरनन पर।।