Friday, June 20, 2014

मेरे केवल इसी वचन पर विशवास कर लो.......
भगवान् की इतनी बड़ी कृपा है कि वे कहते हैं कि मैं सर्वव्यापक हूँ , तू इसको मानता नहीं है, मैं गोलोक में रहता हूँ, वहां तुम आ नहीं सकते, मैं तुम्हारे अंतःकरण में तुम्हारे साथ बैठा हूँ इसका तुम्हे ज्ञान नहीं है , इसलिए लो, ' मैं ' अपने नाम में अपने आप को बैठा देता हूँ। " अपने नाम में 'मैं' मूर्तिमान बैठा हुआ हूँ।"
जिस दिन यह बात तुम्हारे मन में बैठ जाएगी , तुम्हें यह दृढ विश्वास हो जाएगा कि भगवान् और भगवान् का नाम एक है। दोनों में एक जैसी शक्तियाँ हैं, एक से गुण हैं, उस दिन फिर एक नाम भी जब लोगे, एक बार भी 'राधे' कहोगे तो कहा नहीं जायेगा, वाणी रुक जाएगी, मन डूब जायेगा, कंठ गद्गद हो जायेगा, फिर भगवत्प्राप्ति में क्या देर होगी। उसी क्षण गुरुकृपा एवं भगवत्प्राप्ति हो जाएगी। मेरे केवल इसी वचन पर विश्वास कर लो, स्वर्ण अक्षरों में लिख लो।

-------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु ।