Tuesday, September 11, 2012



जीवन वही है जो हरि-गुरु सेवा में ही लगा रहे।
-----श्री महाराजजी।"



जिन्दगी उसी की महान है, जो हरि-गुरु के सुख में बीतती रहे।
------श्री महाराजजी।"