Friday, September 14, 2012




"समस्त धर्मों का फल 'श्रीकृष्ण' भक्ति है। समस्त साधनाएँ एवं योग्यताएँ श्री कृष्ण भक्ति के बिना व्यर्थ है।
-------श्री महाराजजी."

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