Thursday, March 5, 2015

होली क्यों मनायी जाती है ?
होली और भक्ति पर्यायवाची ही मानना चाहिये । होली का पर्व निष्काम प्रेम का पर्व है । भक्ति की विजय का पर्व है । भक्त शिरोमणि प्रह्लाद की भक्ति से प्रसन्न हो कर भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकशिपु राक्षस का संहार किया जो केवल राक्षस ही नहीं था इतना बड़ा तपस्वी था कि उसके तप से स्वर्गलोक भी जलने लगा था किन्तु इतना बड़ा तपस्वी भी भक्ति से हार मन गया । अतः प्रह्लाद चरित्र यह सिद्ध कि समस्त ज्ञान-योग आदि से भी अन्नत गुना उच्च स्थान है भक्ति का । इसी खुशी में यह उत्सव मनाया जाता है । लेकिन उत्सव मनाने का ढंग लोगों ने अनेक प्रकार अपना लिया है ।
------- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।
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