Sunday, April 3, 2016

संसार में न सुख है, न दुःख ही है यह ज्ञान दृढ कर लेना चाहिए । संसार में सुख मानने से ही उसके अभाव में दुःख मिलता है ।

-------सुश्री श्रीधरी दीदी (प्रचारिका),जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।