Friday, November 25, 2016

ये मन दुश्मन है, इससे सदा सावधान रहो। मन को सदा हरि-गुरु के चिंतन में लगाये रहो तो मन शुद्ध होगा। भगवान कहते हैं सदा सर्वत्र मेरा स्मरण करते रहो ताकि मरते समय मेरा स्मरण हो और तुम्हें मेरा लोक मिले,मेरी सेवा मिले।
------ जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।

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