Saturday, May 6, 2017

मेरे प्रिय साधक!
भगवान एवं गुरु सदा सर्वदा हैं ऐसा ही मानो। लीला संवरण की बात कभी न सोचो।
मैं सदा शरणागत के पास रहूँगा।

'कृपालु'