Thursday, October 6, 2016

केवल कर्म धर्म से लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा । पहले गुरु की शरण में जाओ , जो वेद को जानता हो । उससे तत्वज्ञान प्राप्त करो । फिर अभ्यास करो। साधना करो।
------ जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।