Sunday, September 28, 2014

सदा यह चिन्तन बनाये रखो कि मुझे उनका जितना स्नेह , अनुग्रह मिल चुका है वही अनन्त जन्मों के पुण्यों से असम्भव है। अतएव पूर्ण प्राप्त स्नेह एवं अनुग्रह का चिन्तन करके बार - बार बलिहार जाओ।
~~~~~~जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाप्रभु~~~~~~~