Sunday, September 21, 2014

प्रथम नमन गुरुवर पुनि गिरिधर ,जोइ श्री गुरुवर सोइ श्री गिरिधर।
हरि गुरु कृपा सदा सब ही पर ,अंतःकरण पात्र पावन कर।
करहु ' कृपालु ' कृपा मोहूँ पर , तन मन धन अर्पण चरनन पर।।