Tuesday, May 28, 2013

हम लोग अपने स्वार्थ की द्रष्टि से गुरु तत्व को भगवान् से बड़ा मानते हैं। है नहीं , मानते हैं। क्योंकि भगवान् संबंधी समस्त वेद - ज्ञान गुरु देगा। मार्ग की बाधाओं को दूर करायेगा। अंतःकरण की शुद्धि पर प्रेमदान वही करेगा।
------श्री महाराज जी।
हम लोग अपने स्वार्थ की द्रष्टि से गुरु तत्व को भगवान् से बड़ा मानते हैं। है नहीं , मानते हैं। क्योंकि भगवान् संबंधी समस्त वेद - ज्ञान गुरु  देगा। मार्ग  की बाधाओं को दूर करायेगा। अंतःकरण की शुद्धि पर प्रेमदान वही करेगा।
------श्री महाराज जी।