Saturday, June 18, 2016

बलिहार युगल सरकार, हमरिहुँ ओर निहार।
तुम मात पिता भरतार, हम सेवक सदा तिहार।
तुम पतितन को रखवार, हम पतितन को सरदार।
तुम दीनबंधु सरकार, हम अहंकार अवतार।।

----- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।