Wednesday, April 9, 2014

तुम अपने स्वार्थ पर विचार करो। परोपकार की बात ना सोचो। और विचार त्यागकर , श्रीकृष्ण से प्यार करो।
`````जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज`````