Sunday, August 11, 2013

यह मन अनादि काल से माया के आधीन है ! अतः अत्यंत मलिन हो गया है ! अतः श्याम प्रेम के अश्रुजल से धोकर इसे निर्मल बना दो !
:::::::::::जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु::::::::::::