Friday, August 2, 2013

सब साधन जनु देह सम, रूपध्यान जनु प्राण राधे राधे।
खात गीध अरु स्वान जनु ,कामादिक शव मान राधे राधे।।

श्री कृष्ण की प्राप्ति की समस्त साधनाएँ यम,नियम,कर्म,योग,ज्ञान,व्रतादि प्राणहीन शव के समान है, यदि रूपध्यान रहित है।

All spiritual practices for attaining Shri Krishna such as Gyan, Karma, Yoga, Austerities, and Rituals are like a dead body without a soul if they are done without Roop Dhyan -the loving remembrance of Krishna's form.

-------- Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj.