Tuesday, February 5, 2013

श्याम को है आँसू प्रिय, गोविन्द राधे,
याते श्याम हित नित आँसू बहा दे.

भक्तियुक्तचित्त द्वारा भगवन्नाम संकीर्तन करते हुये करुण क्रंदन करो. व्याकुलता बढाओ.व्याकुलता ही भक्ति का आधार है.

------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाप्रभु।
श्याम को है आँसू प्रिय, गोविन्द राधे,
याते श्याम हित नित आँसू बहा दे.

 भक्तियुक्तचित्त द्वारा भगवन्नाम संकीर्तन करते हुये करुण क्रंदन करो. व्याकुलता बढाओ.व्याकुलता ही भक्ति का आधार है.
 
------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाप्रभु।